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1894 में जब पहली बार बालगंगाधर तिलक ने शुरू किया था गणेश उत्सव, ठीक वैसा ही दुर्लभ योग 126 साल बाद बन रहा है 22 अगस्त को

शनिवार, 22 अगस्त को गणेशोत्सव शुरू हो जाएगा। इस साल गणेश चतुर्थी पर सूर्य सिंह राशि में और मंगल मेष राशि में रहेगा। गणेश उत्सव की शुरुआत में सूर्य-मंगल का ये योग 126 साल पहले बना था। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा ने बताया कि 1894 में पहली बार बालगंगाधर तिलक ने दस दिवसीय गणेश उत्सव सार्वजनिक रूप से मनाने की शुरुआत की थी।

उस समय भी सूर्य अपनी सिंह राशि में और मंगल खुद की मेष राशि में स्थित था। इस बार 126 साल बाद ऐसा हो रहा है जब गणेश उत्सव पर सूर्य और मंगल अपनी-अपनी स्वामित्व वाली राशि में रहेंगे और घर-घर गणपति विराजेंगे। 1894 से पहले पेशवा और भारतीय जनता अपने-अपने घर में ही गणेश जन्मोत्सव मनाती थी।

प्रतिमा स्थापना के शुभ मुहूर्त

घर में स्थापना के लिए - सुबह 7.30 से 9 बजे तक।

दुकान और ऑफिस के लिए - दोपहर 1.30 से 4.30 बजे तक।

विद्यार्थियों और सार्वजनिक पंडाल में स्थापना के मुहूर्त - शाम 6 से 7.30 बजे तक।

मंगलवार और बुधवार को गणेश पूजा से जुड़ी ज्योतिषीय मान्यता

पं. शर्मा के अनुसार गणेशोत्सव चित्रा नक्षत्र में शुरू होता है, इसके स्वामी मंगल हैं। इसी वजह से मंगल ग्रह वार मंगलवार को भी गणेशजी का विशेष पूजन करने की परंपरा है। चित्रा नक्षत्र का पहला चरण कन्या राशि का होता है, इसका स्वामी बुध है। इस कारण बुध ग्रह के वार बुधवार को गणेशजी की पूजा खासतौर पर की जाती है।

भारत के शुभ रहेंगे गणेश उत्सव के ये योग

इस बार गणेश उत्सव पर चार ग्रह सूर्य सिंह राशि में, मंगल मेष में, गुरु धनु में और शनि मकर में रहेगा। ये चारों ग्रह अपनी-अपनी स्वामित्व वाली राशियों में रहेंगे। इन ग्रह योगों में गणेश उत्सव की शुरुआत भारत के लिए शुभ रहने वाली है। सभी ग्रहों की अनुकूलता और स्वतंत्र भारत की राशि कर्क के लिए समय श्रेष्ठ रहेगा।

गुरु धनु में होने से यह संयोग ओर भी बेहतर बनेगा। व्यापार उन्नति करेगा और विश्व में भारत का वर्चस्व बढ़ेगा। प्राकृतिक आपदाओं में कमी आएगी। आतंकवाद नियंत्रण में रहेगा। जनता के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा।

चंद्र राशि के अनुसार सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा गणेश उत्सव

मेष- इस राशि के लोगों को लाभ प्राप्त होंगे। घर-परिवार में खुशियां बनी रहेंगी। संतान से सहयोग मिलेगा।

वृषभ- विवादों में विजय मिलेगी और गणेशजी के सेवा करने से कोई अटका हुआ काम अवश्य पूरा होगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा।

मिथुन- घर और बाहर सभी जगहों पर सम्मान प्राप्त होगा। जिम्मेदारियों में वृद्धि होगी और धन की प्राप्ति सुगम होगी। जोखिमपूर्ण निवेश और काम नहीं करें।

कर्क- आधुनिक सुख सुविधाओं को प्राप्त करेंगे और किसी बड़े काम के बन से जाने से सुख प्राप्त होगा। विवाह प्रस्ताव मिलेंगे।

सिंह- सोचे हुए काम बनेंगे। कोई विशेष उपलब्धि प्राप्त होगी। विदेश जाने की इच्छा रखने वालों को सफलता मिलेगी।

कन्या- खोए हुए धन एवं नुकसान की पूर्ति हो सकती है। धार्मिक यात्रा का योग बनेगा और किसी बड़े आय देने वाले कार्य की स्थापना होगी।

तुला- यह राशि खराब दौर से गुजर रही थी, लेकिन अब वह अच्छे समय की ओर जा रही है। प्रसन्नतादायक समाचार की प्राप्ति होगी और संतान से सुख मिलेगा।

वृश्चिक- गणेशजी उत्सव के अंतिम दिनों में कोई बड़ी खुशखबरी प्राप्त होगी। जमीन संबंधी लाभ होने की संभावना है। धन की समस्या भी दूर होगी।

धनु- नुकसान पहुंचाने वालों को खोजने में सफल होंगे और शत्रुओं का नाश करने में सफल होंगे। जीवन साथी से प्रसन्नता प्राप्त होगी। सम्मान मिलेगा।

मकर- यह समय अच्छा रहेगा और कीर्ति में वृद्धि होगी। नए वस्त्र-आभूषणों की प्राप्ति होगी। योजनाएं सफल होंगी।

कुंभ- शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी और संतान भी अनुकूल रहेगी। यात्रा में तकलीफ हो सकती है। धार्मिक कार्य करने का मौका मिलेगा।

मीन- गणेशजी और लक्ष्मीजी की विशेष प्रसन्नता प्राप्त हो सकती है। किसी भी सौदे को हल्के से न लें और मन लगाकर काम करने पर निश्चित लाभ मिलेगा।



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