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कैंसर को हरा चुकीं ब्रिटेन की एंड्रिया ‘सी टू समिट’ ट्राएथलॉन पूरा करने वाली पहली महिला बनीं, 538 किमी दूरी तय की

कैंसर को मात दे चुकीं ब्रिटेन की 39 साल की एंड्रिया मेसन ‘सी टू समिट’ ट्राएथलॉन चैलेंज पूरा करने वाली पहली महिला बन गई हैं। उन्होंने कुल 538 किमी की दूरी तय की। फ्रांस के लेक एनेसी में 38 किमी की स्विमिंग के बाद मेसन ने मोंट ब्लैंक पर 330 किमी साइक्लिंग की।

स्विमिंग में उन्हें 10 घंटे से भी कम का समय लगा। अंत में उन्होंने मोंट ब्लैंक पर ही 170 किमी की रनिंग और हाइकिंग की। यह यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी चोटी है। इन सब में मेसन को 4 दिन 23 घंटे और 41 मिनट का समय लगा। इस दौरान वे काफी कम सोती थीं और खाना भी कम हो गया था।

सबकुछ प्लान के हिसाब से हुआ: मेसन

ट्राएथलॉन पूरा करने के बाद एंड्रिया ने कहा, ‘मैं खुश हूं कि सब कुछ प्लान के हिसाब से हुआ। मैं इसे 5 दिनों के अंदर पूरा करना चाहती थी और कर दिखाया। लेकिन, यह काफी मुश्किल था। क्योंकि सोने के लिए सीमित समय था, लेकिन मैं सो नहीं पाती थी। इसके अलावा दौड़ने के समय मैं अपने पास खाना नहीं रख सकती थी। मालूम हो, ट्राएथलॉन एक मल्टी स्पोर्ट्स रेस होती है। इसमें स्विमिंग, साइक्लिंग और रनिंग करनी होती है।

कई बार ट्राएथलॉन छोड़ने का सोचा

एंड्रिया बताती हैं कि कई मौकों पर उनके मन में ट्राएथलॉन को छोड़ने का भी विचार आया। लेकिन, हर बार वह याद करती थी कि इसकी शुरुआत क्यों की? 2017 में उन्हें एंडोमेट्रियोसिस और सर्वाइकल कैंसर का पता चला था। जिसके बाद जीवन बचाने के लिए सर्जरी करनी पड़ी। ऑपरेशन सफल होने के बाद से उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया।

एंड्रिया को पहले रनिंग और हाइकिंग के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी

39 साल की एंड्रिया ट्राएथलॉन को इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में पूरा करना चाहती थीं। उन्होंने फ्रांस के चैमोनिक्स में अपना बेस बनाया था। लेकिन, वापस लौटने से पहले ही कोरोना की वजह से बॉर्डर बंद हो गए। उन्हें प्लान बदलना पड़ा। ए‌ंड्रिया ने बताया कि प्लान ज्यादा चुनौतियों भरा था। रनिंग और हाइकिंग पार्ट के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी। इन सब के बीच उन्होंने 4 सितंबर से इसकी शुरुआत की और 5 दिनों के अंदर पूरा कर दिखाया।



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2017 में एंड्रिया को एंडोमेट्रियोसिस और सर्वाइकल कैंसर का पता चला था, जिसके बाद जीवन बचाने के लिए सर्जरी करनी पड़ी।


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