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फ्रांस में एक दिन में 43 हजार नए केस, अमेरिका में रेम्डेसिविर के इस्तेमाल को मंजूरी

दुनिया में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 4.19 करोड़ से ज्यादा हो गया है। 3 करोड़ 11 लाख 83 हजार 219 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब तक 11.42 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। फ्रांस में संक्रमण खतरनाक तरीके से बढ़ रहा है। इस छोटे से देश में गुरुवार को 43 हजार नए केस सामने आए। अमेरिका में कोरोना के इलाज के लिए रेम्डेसिविर दवा के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई है।

फ्रांस में हालात बिगड़े
फ्रांस में कोरोना की वजह से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। गुरुवार को यहां करीब 43 हजार नए संक्रमितों की पुष्टि की गई। सरकार ने माना कि यह दूसरी लहर शुरू होने के बाद अब तक संक्रमण का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार ने इस बात को भी माना है कि 9 शहरों में लगाए गए नाइट कर्फ्यू की असर ज्यादा नहीं हुआ। अब खबर है कि फ्रांस सरकार शनिवार को होने वाली बैठक में लॉकडाउन पर विचार कर सकती है। हालांकि, ज्यादातर संगठन कह चुके हैं कि वे सरकार के इस फैसले का समर्थन नहीं करेंगे।

रेम्डेसिविर को FDA की मंजूरी
अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) डिपार्टमेंट ने कोरोना के इलाज में रेम्डेसिविर दवा के इस्तेमाल को औपचारिक मंजूरी दे दी। इस एंटीवायरल ड्रग का इस्तेमाल अब अमेरिका में किया जा सकेगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के एक रिसर्च के मुताबिक, इस दवा के इस्तेमाल से मरीज की रिकवरी 15 की बजाए 10 दिन में हो सकती है। अमेरिका में इसका इस्तेमाल मई से ही किया जा रहा था, लेकिन तब यह गंभीर मरीजों या इमरजेंसी यूज के लिए थी। अब हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के इलाज में इसके इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है।

हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने कुछ दिन पहले कहा था कि रेम्डेसिविर के इस्तेमाल से हॉस्पिटल में भर्ती बहुत ज्यादा गंभीर मरीजों की मौत रोकने में मदद मिलने के सबूत नहीं हैं। हालांकि, इस स्टडी पर कुछ डॉक्टर ही सवाल उठा रहे हैं।

अमेरिका के नॉर्थ डकोटा में बारिश के बावजूद कोरोना टेस्टिंग सेंटर के बाहर कतार में लगे लोग। अमेरिका में कोरोना की पहली दवाई के तौर पर रेम्डेसिविर को मंजूरी दी गई है। (फाइल)

स्पेन में संक्रमितों की संख्या 10 लाख से ज्यादा
पश्चिमी यूरोप में स्पेन ऐसा पहला देश है, जहां संक्रमितों की संख्या अब 10 लाख से ज्यादा हो गई है। सरकार ने भी साफ कर दिया है कि दूसरी लहर के ज्यादा घातक साबित होने की आशंका है, लिहाजा सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे। दूसरी तरफ, फ्रांस में भी यही हालात हैं। यहां भी 10 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। 34 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 9 शहरों में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद हालात कुछ सुधरे हैं। पहले एक दिन में करीब 40 हजार तक मामले सामने आए थे। बुधवार को यहां 25 हजार नए केस सामने आए।

फ्रांस सरकार ने साफ कर दिया है कि वो उन इलाकों की पहचान कर रही है, जो नए क्लस्टर साबित हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में नए सिरे से कर्फ्यू लगाया जाएगा। देश के कई अस्पतालों में इमरजेंसी और रेड अलर्ट जारी किया गया है।

न्यूजीलैंड में फिर 2 केस
न्यूजीलैंड की हेल्थ मिनिस्ट्री ने बुधवार को 25 नए केस मिलने की पुष्टि की। गुरुवार को फिर 2 मामले सामने आए। मिनिस्ट्री द्वारा जारी बयान के मुताबिक, कई हफ्तों बाद एक दिन में इतने मामले एक साथ सामने आए हैं। इनमें से दो मामले कम्युनिटी ट्रांसमिशन के हैं। इसके अलावा सभी मामले आईसोलेशन से जुड़े थे। संक्रमित पाए गए लोगों में 18 रूस और यूक्रेन के हैं। ये हाल ही में मछली पालन के सिलसिले में न्यूजीलैंड पहुंचे थे। इन्हें एक होटल में क्वारैंटाइन किया गया था। न्यूजीलैंड के डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ एश्ले ब्लूमफील्ड भी पॉजिटिव पाए गए हैं। वे रूस जाने वाले थे, लेकिन अब उन्होंने यात्रा रद्द कर दी है।



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फ्रांस में पेरिस समेत 9 शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। इसका सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।


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